Gurugram इस Metro Station पर मिलेगा जाम से छुटकारा, सीएम ने दिए अंडरपास की DPR तैयार करने के आदेश
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। यह अंडरपास न केवल मेट्रो स्टेशन के आसपास भीड़ कम करेगा

Gurugram : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार गुरुग्राम को जाम मुक्त और सुगम यातायात वाला शहर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान सरकार की प्राथमिकता में है और इसके लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) की 15वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, जिसमें शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि मिलेनियम सिटी मेट्रो स्टेशन क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या से अब लोगों को जल्द ही राहत मिलेगी। इस क्षेत्र में यातायात दबाव को कम करने के लिए सेक्टर 27, 29, 43 और 44 की ओर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक अंडरपास का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। यह अंडरपास न केवल मेट्रो स्टेशन के आसपास भीड़ कम करेगा, बल्कि दिल्ली-जयपुर नेशनल हाईवे से सटे मार्गों पर भी आवागमन को सुगम बनाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों और यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि श्री शीतला माता मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए। यह समिति कॉलेज को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर संचालित करने की संभावनाओं पर कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना को सुदृढ़ करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने शहर में प्रस्तावित नागरिक अस्पताल के निर्माण कार्य को जल्द से जल्द धरातल पर क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल के डिजाइन में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह द्वारा दिए गए सुझावों को प्राथमिकता से अमल में लाया जाए।
बैठक में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने एक प्रमुख प्रस्ताव रखा, जिसके तहत मास्टर रोड पर डाली गई 600 एमएम से अधिक साइज की सीवर और ड्रेन लाइनों का रखरखाव नगर निगम से GMDA को ट्रांसफर किया जाएगा। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री ने तुरंत महत्व देते हुए प्रधान सलाहकार को कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

निगमायुक्त ने बताया कि 900 मि.मी. से अधिक साइज की लाइनों जैसे बस स्टैंड से सीआरपीएफ चौक, पुरानी दिल्ली रोड, और बसई रोड तक फैले नेटवर्क का प्रबंधन जीएमडीए के अधीन आने से शहर की जल निकासी व्यवस्था और सीवरेज नेटवर्क अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित होगा।
गुरुग्राम की भावी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम से पलवल वाया नूंह तक एक नई ड्रेन (नाला) की योजना पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया। उन्होंने संबंधित विभागों को इसकी डीपीआर शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि इस ड्रेन के निर्माण से नजफगढ़ ड्रेन पर दबाव कम होगा और बरसाती पानी के निकास की स्थाई व्यवस्था बन सकेगी। मुख्यमंत्री ने इसे जलभराव की समस्या का स्थाई समाधान और जल संरक्षण की दृष्टि से एक दूरदर्शी पहल बताया।

केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह द्वारा उठाए गए वजीराबाद खेल स्टेडियम की प्रगति के मुद्दे पर निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने आश्वस्त किया कि निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में उपस्थित मेयर राजरानी मल्होत्रा, डीसी अजय कुमार, सीपी विकास अरोड़ा सहित सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जारी विकास कार्यों को गति देकर समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम राज्य की आर्थिक प्रगति का केंद्र है और यहां शुरू की गई प्रत्येक परियोजना पूरे हरियाणा की वृद्धि से जुड़ी है।










